2 लाइन हिंदी शायरी(Two line Shayari) Pyar Bhari Shayari

Two Line Shayari in Hindi

2 लाइन हिंदी शायरी (hindi shayari 2 line)एसएमएस और शॉर्ट शायरी का नवीनतम संग्रह पढ़ें। दिल को छू लेने वाली ये सभी Love Shayari (लव शायरी) दो लाइन शायरी बहुत कम शब्दों में दिल में कई भावनाओं को समेटे हुए है। तो Two Line Shayari पढ़िए और महसूस कीजिए इस कविता के गहरे भाव।

2 लाइन हिंदी शायरी- मैं ही जागता रहूँगा रात भर तुम्हारी यादों में

मैं ही जागता रहूँगा रात भर तुम्हारी यादों में
तुम्हारा क्या,तुम तो सो जाओगे उसके बाँहों में,
देखता हूँ जिधर तुम ही तुम नज़र आते हो
तुम्हारा चेहरा आज भी बसा है मेरी निगाहों में,
हर घड़ी हर वक्त दिल से बस तुम्हारी ही बात होती है
आज भी सामिल हो तुम मेरी हर बातों में,
छोड़ के गये थे तुम जहाँ
आज भी तुम्हारे इंतज़ार में हूँ मैं उन राहों में।

Pyar Bhari Shayari एक अरसा हो गया है मुस्कुराए हुए

एक अरसा हो गया है मुस्कुराए हुए
बस चेहरे पे उदासी और आँखें नम है,
आ…देख मेरी जान…
तेरी जुदाई में मुझे कितना ग़म है।
बदलते रहते हैं मौसम
पर मेरे आँखों में हर वक्त बारिश का मौसम है,
आ…देख मेरी जान…
तेरी जुदाई में मुझे कितना ग़म है।
भूला नहीं हूँ तुझे, तड़पता रहता हूँ तेरी यादों में
आज भी मेरे दिल पे लिखा तेरा ही नाम है,
आ…देख मेरी जान…
तेरी जुदाई में मुझे कितना ग़म है।

Two Line Shayaris – दिल चाहा के दौड़ के उसे गले लगाकर

दिल चाहा के दौड़ के उसे गले लगाकर
उसकी माथे को चूम लूं
जब एक मुद्दत के बाद उसे देखा,
फिर मेरे पाओं ठहर गए,सांसे थम गयी
और दिल टूट गया,
जब उसके हाथों में कंगन
और माथे पर किसी और के नाम का सिंदूर देखा।
टूट गया दिल टूट के बिखर गया
दिल के बहत क़रीब था जो शख्स
जब उसे
अपनी ज़िन्दगी से दूर देखा।
वो पसंद करे किसी और को
ये मुझे पसंद नहीं,
फिर भी उसे किसी और के होते हुए
मैंने होकर मजबूर देखा।
था कितना खुश में उसके साथ
जब वो मुझे छोड़ गया
तो खुद को मैंने लाचार और मजबूर देखा।

Two Line Shayaris हसरत तो है मुझे बात करने का उससे

हसरत तो है मुझे बात करने का उससे
पर मैं उससे बात करूँ
ये उसे अच्छा नहीं लगता,
खामोश हूँ मैं बस इस वजह से
क्योंकि उसे अच्छा ना लगे
तो मुझे अच्छा नहीं लगता।

फिर भी… Two Line Shayari

वो नहीं करते हमसे प्यार, ये हम जानते हैं,
फिर भी…
ना जाने क्यों रोज़ उनसे प्यार जताते हैं,
फर्क नहीं पड़ता जिनको हम मर भी जायें तो,
फिर भी…
ना जाने क्यों हम उनपर ही मरते हैं,
असर नहीं होता उनपर हमारे इश्क़ का
फिर भी…
ना जाने क्यों रोज़ उनको हाल-ए-दिल सुनाते हैं,
जो मिलेगा नहीं कभी हमें, उसे पाने की ज़िद्द करते हैं,
रेगिस्तान में हम पानी की उम्मीद करते हैं ।

उम्मीद तो नहीं है
के फिर कभी तुमसे मुलाकात होगी,
ख़्वाबों में ही मिल लेंगे तुमसे
जब रात होगी ।
भूला न सकोगे मुझे
तुम्हारे दिल में मेरी ही याद होगी,
छुपा न सकोगे अपने आंसु
जब… कभी कहीं मेरी बात होगी ।
जाना है तुम्हें मुझसे दूर
तो चली जाओ,
चाह नहीं सकता तुम्हें कोई मेरी तरह
देखना दूर हो कर मुझसे तुम्हें मलाल होगी ।

मेरी ज़िन्दगी यूँ ही बर्बाद ना होती
ज़िन्दगी में आगर उनसे मुलाक़ात ना होती,
वो मेरी ज़िन्दगी में ज़िन्दगी बनकर ना आती
तो ज़िन्दगी चैन से कट जाती,
खुशी खुशी ज़िन्दगी बीत जाती
यूँ दुःख भरी मेरे हर दीन-रात ना होती ॥

ना ठीक से सो पाता हूँ
ना हर पल ख़ुश रह पाता हूँ
आँखों से नींद उड़ गया
दिल से चैन खो गया
तेरे इश्क़ में पड़कर मैं बर्बाद हो गया ॥
तेरी एक झलक पाने के लिए
घूमता रहता हूँ मैं इधर-उधर
अब तेरी गलियों में मेरा आना-जाना बार-बार हो गया
तेरे लिए मैं आवारा हो गया
तेरे इश्क़ में पड़कर मैं बर्बाद हो गया ॥
तूने यूँ नजर-अंदाज किया मुझे
के तेरी बेरुखी ने मुझे उदास कर दिया
तेरे इश्क में पड़कर
मैं एक और देवदास हो गया
तेरे इश्क़ में पड़कर मैं बर्बाद हो गया ॥

हमसे पहचानने में भूल हुई
अपनी समझते रहे जिसे वो बेगानी थी,
ज़िन्दगी भर “ज़िन्दगी” समझते रहे जिसे
ज़िन्दगी में उसके हमारी कुछ अहमियत ना थी,
खुद से ज्यादा चाहते थे जिसे
उसे हमसे चाहत ना थी,
करते रहे मोहब्बत जिसे
उसे हमसे मोहब्बत ना थी ॥

Sad Shayari – छोड़ के गई है मुझे तू

छोड़ के गई है मुझे तू
मुझे इस बात का गिला नहीं,
बदनसीब है तू
जो मैं तुझे मिला नहीं,
मुझे छोड़ के,दिल तोड़ के चली गई तू
ये दिल तेरे लिए अब बेकरार नहीं,
अब तेरा इंतज़ार नहीं
अब मुझे तुझसे प्यार नहीं,
वहम था मेरा के तू ज़िन्दगी है मेरी
देख तेरे बिना भी मैं ज़िंदा हूँ,अभी मरा नहीं ॥

Pyar Bhari Shayari  भूल जाओ…

भूल जाओ…
तकलीफ़ देती है जो पुरानी यादें
उन यादों को भूल जाओ,
याद दिलाना पड़ता है जिनको
याद आने के लिए
उन लोगों को भूल जाओ,
लाख मनाने के बाद भी जो मानते ही नहीं
रूठे ही रहने दो उन्हें,मनाना भूल जाओ,
जो बीत गया सो बीत गया,
हो गया हो ग़लती कोई
तो बार बार पस्ताना भूल जाओ,
फर्क ही नहीं पड़ता है जिन्हें तुम्हारे ग़म से
उन्हें अपना दर्द सुनाना भूल जाओ,
महसूस ही ना हो जिन्हें तुम्हारा प्यार
उनसे प्यार जताना भुल जाओ ॥

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